पूजा सामग्री को यूँ ही मत छोड़िए — श्रद्धा का सम्मान कीजिए। निर्माल्य संग्रह से लेकर हरिद्वार में शास्त्र सम्मत विसर्जन तक की हमारी सेवा।
अक्सर हम अनजाने में पूजा सामग्री (निर्माल्य) को पेड़ों के नीचे, मंदिरों के बाहर या कचरे के साथ छोड़ देते हैं।
पवित्र अर्पित सामग्री जब असावधानी से फेंकी जाती है, तो यह हमारी भक्ति और श्रद्धा का अनादर बन जाती है।
पॉलिथीन और अन्य अकार्बनिक वस्तुओं के साथ नदियों में प्रवाहित होने से पर्यावरण और नदियों का प्रदूषण होता है।
भक्तों को यह पीड़ा होती है कि उनकी पवित्र भेंट उचित स्थान पर नहीं पहुँच सकी।
हम श्रद्धा और शास्त्र दोनों का सम्मान करते हुए आपकी पूजा सामग्री को उसके उचित स्थान तक पहुँचाते हैं।
सुविधाजनक रूप से आपके द्वार से सामग्री का संग्रह।
प्लास्टिक और हानिकारक पदार्थों को अलग करना और विधिपूर्वक पैकिंग।
पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ पतित पावन गंगा में प्रवाहित।
सनातन धर्म में निर्माल्य (भगवान को अर्पित फूल और सामग्री) केवल वस्तु नहीं है, यह हमारी आस्था का प्रतीक है। इसे पवित्र नदियों में विसर्जित करने का विधान है, लेकिन बदलते परिवेश में ऐसा करना कठिन हो गया है।
पवित्रपथ के साथ, आप अपनी धार्मिक ज़िम्मेदारी पूरी करते हैं और साथ ही प्रकृति का संरक्षण भी करते हैं। यह एक आस्थापूर्ण सेवा है।
4 सरल चरणों में अपनी श्रद्धा का उचित निर्वहन सुनिश्चित करें।
WhatsApp या फॉर्म के माध्यम से हमसे जुड़ें।
अपने घर से पिकअप का समय और दिन बुक करें।
हम सम्मानपूर्वक सामग्री एकत्र कर, अशुद्धियों को अलग करते हैं।
सामग्री को पवित्रता के साथ गंगा जी में अर्पित किया जाता है।
पवित्रपथ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक उद्यम है।
आप फूल, मालाएं, हवन की राख, सूखी पत्तियां, और अन्य प्राकृतिक पूजा सामग्री हमें सौंप सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि हम इसे एकत्रित करते समय प्लास्टिक और कांच अलग करते हैं।
जी हाँ, हम पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ निर्धारित समय पर सामग्री एकत्र करने के लिए घर आते हैं।
एकत्रित निर्माल्य को विधिपूर्वक और सम्मानपूर्वक हरिद्वार में माँ गंगा में विसर्जित किया जाता है।
सदा आपके मार्गदर्शन और सेवा के लिए तत्पर हैं।